अमेरिका और ईरान के बीच हुए नए समझौते से वैश्विक तेल बाजार को राहत मिली है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को 60 दिनों के लिए फिर से खोलने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस शांति समझौते के साथ एक गहरी कड़वाहट भी जुड़ी हुई है। इस युद्ध में हजारों लोगों ने अपनी जान गंवाई, जिससे भारी मानवीय क्षति हुई। विडंबना यह है कि इतने रक्तपात के बाद स्थिति फिर से वहीं पहुंच गई है जहां से युद्ध शुरू हुआ था। यह समझौता केवल एक अस्थिर यथास्थिति (statu quo) को बहाल करता है। अंततः, यह संघर्ष एक महंगी मानवीय कीमत चुकाने के बाद शून्य परिणाम पर समाप्त हुआ है।