अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते के बाद एशियाई बाजारों में तेजी देखी गई। जापान के निккей सूचकांक में तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक चार प्रतिशत ऊपर चला गया। इस समझौते से भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिसका सीधा असर निवेशकों के मनोबल पर पड़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में शांति की संभावना से तेल की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है। इस सकारात्मक माहौल का फायदा उठाते हुए एशियाई बाजारों ने जोरदार शुरुआत की। निवेशकों ने जोखिम लेने की अधिक क्षमता दिखाई, जिससे बाजार में लिवाली का दबाव बढ़ा। यह उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
