अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए एक समझौते को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, तेहरान को इस समझौते से कई लाभ हो सकते हैं। 14 जून को, अमेरिका और ईरान ने संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते की घोषणा की, और 19 जून को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। इसके बाद, परमाणु मुद्दे पर 60 दिनों की वार्ता शुरू होगी। समझौते की शर्तों को लेकर विशेषज्ञों और राजनेताओं के बीच मतभेद हैं, कुछ का मानना है कि यह ईरान को अत्यधिक रियायतें देता है। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह समझौता क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए आवश्यक है। आगे की बातचीत से समझौते की अंतिम रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है।