अमेरिका और ईरान के बीच उभरते हुए समझौते को इजराइल और ईरान दोनों देशों में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इजराइल में विपक्षी नेता याइर लापिड ने इस समझौते को येरुशलम के युद्ध लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफल बताया है। ईरान में मशहद शहर में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों का कहना है कि तेहरान ने समझौते में अत्यधिक रियायतें दी हैं। दोनों ही देशों में, समझौते के विरोधी अपने-अपने नेतृत्व की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। यह समझौता, यदि अंतिम रूप से संपन्न होता है, तो दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, लेकिन घरेलू विरोध इसके कार्यान्वयन में बाधा बन सकता है। आलोचकों का मानना है कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है। इस समझौते की शर्तों और संभावित परिणामों पर अभी भी गहन चर्चा जारी है।