अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तेहरान के यूरेनियम भंडार का भविष्य, लेबनान में इजराइल की सैन्य कार्रवाई और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होने की आशंकाएं इस समझौते के रास्ते में बड़ी बाधाएं हैं। इन मुद्दों पर सहमति बनाना मुश्किल लग रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच किसी भी तरह की समझदारी पर प्रश्नचिह्न लग गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन जटिल परिस्थितियों के कारण समझौते की राह आसान नहीं होगी। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं है। यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन अनिश्चितताएं बरकरार हैं।
