अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक प्रारंभिक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत, ईरान अपनी समृद्ध यूरेनियम को पतला करने पर सहमत हो सकता है। बदले में, अमेरिका ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रहा है। यह समझौता वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत का हिस्सा है, जिसे अगले 60 दिनों में अंतिम रूप दिया जाना है। अमेरिकी अधिकारियों ने इस समझौते की कुछ शर्तों का खुलासा किया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास हो सकता है। इस समझौते का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है।