अमेरिका और ईरान पर्शियन गल्फ (Persian Gulf) और जॉर्डन (Jordan) में सैन्य हमले कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ गया है। तेल की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। तेहरान (Tehran) ने चेतावनी दी है कि संयमित प्रतिक्रियाओं का युग समाप्त हो गया है। वाशिंगटन (Washington) भी अपना रुख सख्त कर रहा है। इस संघर्ष से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की आशंका है, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति और भी बढ़ सकती है यदि दोनों देश अपनी सैन्य गतिविधियों को जारी रखते हैं। स्थिति को शांत करने के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस परिणाम नहीं आया है।