अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दिन भी सीधी गोलीबारी हुई है, जिससे पहले से ही नाजुक स्थिति में मौजूद संघर्ष विराम खतरे में पड़ गया है। अमेरिकी सेना के अनुसार, ये हमले ईरान में सैन्य निगरानी, संचार प्रणालियों और वायु रक्षा स्थलों पर केंद्रित थे। अमेरिका का कहना है कि ये जवाबी कार्रवाई है, जो तेहरान की ओर से जारी “अनुचित और निरंतर आक्रामकता” के जवाब में की गई है। ईरान ने अभी तक इन हमलों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है। इस संघर्ष विराम की विफलता से मध्य पूर्व में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल, दोनों पक्षों से स्थिति को शांत करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं दिख रहा है।