अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिसके तहत ४२५ अरब डॉलर का एक कोष स्थापित किया जाएगा। इस समझौते के तहत ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों को तुरंत हटा लिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वैश्विक मंदी से बचने के लिए यह समझौता आवश्यक था। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो युद्ध फिर से शुरू करने का विकल्प खुला रखा गया है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव को कम करना और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना है। विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता ईरान की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा। हालांकि, इस समझौते की शर्तें और दीर्घकालिक प्रभाव अभी भी स्पष्ट नहीं हैं।
