अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया समझौते को लेकर विशेषज्ञों में संदेह है। यह समझौता, जो एक पन्ने के ज्ञापन के रूप में है, कई सवाल खड़े करता है। स्तंभकार लैरी डोनेली का मानना है कि इस समझौते का मूल्य ही संदेहजनक है। इस समझौते के वास्तविक परिणाम क्या होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता पर क्या प्रभाव डालेगा, इस पर भी चिंताएं जताई जा रही हैं। फिलहाल, यह समझौता सवालों से घिरा हुआ है, और इसकी सफलता अनिश्चित है।
