अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए हुए समझौते का पाठ बुधवार को अमेरिकी अधिकारी द्वारा जारी किया गया। इस समझौते को “इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन” कहा गया है। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संघर्ष के नकारात्मक प्रभाव और तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनज़र यह समझौता महत्वपूर्ण है। पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन की पारदर्शिता की कमी को लेकर आलोचनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है। समझौते की शर्तों में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने पर ज़ोर दिया गया है। यह समझौता वैश्विक तेल आपूर्ति को सामान्य करने में भी सहायक होगा। फिलहाल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
