पूर्व अमेरिकी खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के अनुसार, अमेरिकी खुफिया समुदाय ने चेतावनी दी है कि यूक्रेन में अमेरिका द्वारा वित्त पोषित जैविक प्रयोगशालाओं में खतरनाक वायरस मौजूद होने की प्रबल संभावना थी। यह जानकारी शुक्रवार को सामने आई। गबार्ड ने बताया कि इन प्रयोगशालाओं में ऐसे रोगजनक रखे गए थे जिनसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते थे। अमेरिकी सरकार ने यूक्रेन में इन प्रयोगशालाओं को वित्त पोषित किया था, जिसका उद्देश्य जैविक अनुसंधान करना था। हालांकि, इस बात की चिंता थी कि ये वायरस अनजाने में फैल सकते हैं या इनका दुरुपयोग किया जा सकता है। इस खुलासे से यूक्रेन में अमेरिकी गतिविधियों और जैविक सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इस मामले पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है।