अमेरिका में जून महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित मुद्रास्फीति मई के 4.2% से घटकर 3.5% हो गई। इस गिरावट का मुख्य कारण ऊर्जा, विशेष रूप से गैसोलीन की कीमतों में भारी कमी है। यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए राहत की खबर है, क्योंकि बढ़ती मुद्रास्फीति एक चिंता का विषय बनी हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों में बढ़ोतरी से रोक सकता है। हालाँकि, खाद्य पदार्थों की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है, जो मुद्रास्फीति को पूरी तरह से कम होने से रोक रही है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई पर नियंत्रण पाने के प्रयास कुछ हद तक सफल हो रहे हैं, लेकिन अभी भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। आगे की आर्थिक नीतियों का निर्धारण इस डेटा पर निर्भर करेगा।