अमेरिका ने 'जबरदस्ती श्रम' से जुड़े आयात को रोकने में विफल रहने के आरोप में लगभग 60 व्यापारिक साझेदारों पर शुल्क लगाया है। ये शुल्क उन देशों पर लगाए गए हैं जिनके खिलाफ़ जबरन श्रम का उपयोग करने के पर्याप्त सबूत मिले हैं। अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई मानवाधिकारों की रक्षा और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। इन शुल्कों का उद्देश्य उन कंपनियों को जवाबदेह ठहराना है जो जबरदस्ती श्रम का लाभ उठाती हैं। यह कदम वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। अमेरिका इस मुद्दे पर अन्य देशों के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।