अमेरिका ने गुरुवार को नए सीमा शुल्क लगाए हैं, जो १० प्रतिशत और १२.५ प्रतिशत तक हैं। ये शुल्क पहले वाली १० प्रतिशत की अस्थायी शुल्क को बदल देंगे, जो शुक्रवार की रात को समाप्त हो जाएगी। इन शुल्कों का असर लगभग ६० देशों पर पड़ेगा, जो अमेरिका में होने वाले कुल आयात का ९९ प्रतिशत हिस्सा हैं, जिसमें यूरोपीय संघ भी शामिल है। यूरोपीय संघ के देशों पर १० प्रतिशत की मूल दर लागू होगी। यह कदम अमेरिकी व्यापार नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संबंधों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। इन शुल्कों के कारण वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि होने की संभावना है। अमेरिका का कहना है कि ये शुल्क घरेलू उद्योगों की रक्षा के लिए आवश्यक हैं।