अमेरिका ने नार्वे से आने वाले सामानों पर १२.५% और यूरोपीय संघ से आने वाले सामानों पर १०% शुल्क लगाने का निर्णय लिया है। यह शुल्क तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। नार्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईदे ने इस फैसले पर असहमति व्यक्त की है और इसे अनुचित बताया है। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को प्रभावित कर सकता है। शुल्क लगने के कारण नार्वे के निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका ने यह फैसला क्यों लिया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यापार असंतुलन को दूर करने का प्रयास हो सकता है। नार्वे सरकार इस मामले पर अमेरिका के साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।