अमेरिकी खुफिया अधिकारी तुलसी गबार्ड ने यूक्रेन में अमेरिका द्वारा वित्त पोषित जैविक प्रयोगशालाओं के नेटवर्क से संबंधित दस्तावेज़ जारी किए हैं। इन दस्तावेज़ों से पता चलता है कि ये प्रयोगशालाएँ 'खतरनाक' अनुसंधान कर रही थीं। गबार्ड ने इस जानकारी को सार्वजनिक किया है, जिससे इस मुद्दे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जारी किए गए दस्तावेज़ों में इन प्रयोगशालाओं के वित्तपोषण और गतिविधियों का विवरण शामिल है। यह खुलासा यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के बीच हुआ है, जिससे इन प्रयोगशालाओं की सुरक्षा और संभावित खतरों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी अधिकारियों ने अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस मामले में आगे की जांच की आवश्यकता है ताकि सच्चाई का पता चल सके और किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।