अमेरिकी सरकार ने जर्मनी और फ्रांस से डीजल भंडार जारी करने की मांग की है और निर्यात रोकने की धमकी दी है। इस मांग के पीछे, अमेरिका का कहना है कि डीजल की कमी हो सकती है, परन्तु विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कोई संकट नहीं है। इस मामले में पर्दे के पीछे हलचल देखी जा रही है। जर्मनी और फ्रांस इस धमकी पर विचार कर रहे हैं और यूरोपीय संघ के स्तर पर प्रतिक्रिया देने की तैयारी कर रहे हैं। यह कार्रवाई अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें हैं।