अमेरिकी रक्षा मंत्री द्वारा अश्वेत और महिला अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाने के फैसले से विवाद उत्पन्न हो गया है। आरोप है कि यह कदम ‘वेक कल्चर’ के खिलाफ युद्ध और श्वेत ईसाई राष्ट्रवाद को मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है। पेंटागन ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय विविधता और समावेशिता के प्रयासों को कमजोर करेगा और सेना में भेदभाव को बढ़ावा देगा। वहीं, समर्थकों का तर्क है कि यह योग्यता आधारित प्रमोशन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस फैसले से अमेरिकी सेना में नस्लीय और लैंगिक समानता पर बहस छिड़ गई है। यह कदम अमेरिकी समाज में चल रहे सांस्कृतिक युद्ध का भी प्रतिबिंब माना जा रहा है।