डॉइचे बैंक के अनुसार, अमेरिका का बढ़ता सार्वजनिक क़र्ज़ उसकी दीर्घकालिक आर्थिक प्रभुत्व के लिए सबसे बड़ा खतरा है। रिकॉर्ड वित्तीय घाटे और बढ़ते क़र्ज़ के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बैंक का कहना है कि यह क़र्ज़ अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है। इस क़र्ज़ के कारण भविष्य में आर्थिक विकास धीमा हो सकता है और वित्तीय स्थिरता भी खतरे में पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो अमेरिका की वैश्विक आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है। सरकार को इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। अमेरिका का ऋण स्तर लगातार बढ़ रहा है, जो निवेशकों को चिंतित कर रहा है।