अमेरिका में, क्रिस्ता पाइक नामक एक मौत की सजा पाए कैदी को जानलेवा इंजेक्शन द्वारा दो बार निष्पादन करने के प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है। निष्पादन की प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां थीं, जिसके परिणामस्वरूप पाइक की हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे "जीवन रक्षक देखभाल" मिल रही है। यह मामला निष्पादन की मानवीयता और विधि पर सवाल उठाता है। फिलहाल, पाइक की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसकी निगरानी जारी है। यह घटना अमेरिका में मौत की सजा पर बहस को फिर से हवा दे सकती है।