अमेरिका में पिछले सप्ताह कच्चे तेल के व्यावसायिक भंडारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यह कमी लगभग 7.2 मिलियन बैरल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। तेल की आपूर्ति में कमी आने से बाजार में कीमतों में वृद्धि हो सकती है। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब वैश्विक तेल बाजार पहले से ही भू-राजनीतिक तनावों से जूझ रहा है। इस कमी के कारण तेल उत्पादक देशों की नीतियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बाजार विश्लेषक इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं ताकि आगे के रुझानों का अनुमान लगाया जा सके।