घाना के पूर्व वित्त मंत्री केना ओफोरी-अट्टा को संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी निवास के लिए आवेदन करने की अनुमति मिलने से घाना में राजनीतिक हलचल मच गई है। अमेरिकी आव्रजन अदालत ने उनकी आव्रजन स्थिति बदलने के आवेदन को मंजूरी दे दी है, जिससे उन्हें कानूनी रूप से स्थायी निवासी बनने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। इस फैसले के साथ ही, अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा उनके खिलाफ चल रही निष्कासन कार्यवाही भी समाप्त हो गई है। यह मामला घाना में गहन सार्वजनिक बहस का विषय बन गया है, क्योंकि ओफोरी-अट्टा पर पहले वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे थे। आलोचकों का कहना है कि यह निर्णय न्याय प्रणाली पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, समर्थकों का तर्क है कि यह एक कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक मंशा नहीं है। इस घटनाक्रम से घाना की राजनीति में और भी उथल-पुथल होने की संभावना है।
