चीन और अमेरिका के बीच सीमा पार जैव प्रौद्योगिकी सौदों में जटिलताएँ बढ़ रही हैं। अमेरिकी सरकार द्वारा निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को सीमित करने के प्रयासों के कारण यह बदलाव आ रहा है। आईएनजी रिसर्च के वरिष्ठ स्वास्थ्य अर्थशास्त्री डीडेरिक स्टैडिग के अनुसार, भविष्य में भू-राजनीतिक जांच बढ़ेगी, जिससे सौदों की संख्या में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि, स्टैडिग ने यह भी कहा कि नियामक बाधाओं के बावजूद, समग्र रुझान जारी रहने की संभावना है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी सरकार की सख्ती से दोनों देशों के बीच सहयोग प्रभावित हो सकता है। यह स्थिति जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश और नवाचार को लेकर अनिश्चितता पैदा कर सकती है। फिलहाल, सौदों की गति धीमी होने की आशंका है, लेकिन पूर्ण विराम की संभावना कम है।