अमेरिकी अभियोजकों ने ईरान के मबना इंस्टीट्यूट के 17 सदस्यों पर दस साल तक साइबर जासूसी करने का आरोप लगाया है। ये हैकर्स ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के लिए काम कर रहे थे। उन्होंने विश्वविद्यालयों और कंपनियों से कुल 31.5 टेराबाइट डेटा चुराया। इस डेटा चोरी में संवेदनशील जानकारी शामिल थी, जिसका उपयोग विभिन्न उद्देश्यों के लिए किया जा सकता था। अमेरिकी अधिकारियों ने इस साइबर हमले को एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बताया है। आरोपियों पर विभिन्न संघीय अपराधों का आरोप लगाया गया है, जिनमें कंप्यूटर धोखाधड़ी और वायर धोखाधड़ी शामिल हैं। इस मामले से ईरान और अमेरिका के बीच साइबर तनाव बढ़ने की आशंका है। जांच जारी है और आगे की जानकारी सामने आ सकती है।