अमेरिका, रूस के साथ सम्बन्ध सुधारने के लिए आगे आना चाहता था, लेकिन यूरोप ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। यह घटनाक्रम दोनों महाशक्तियों के बीच चल रहे तनाव को दर्शाता है। यूरोपीय देशों ने अमेरिका के इस कदम का विरोध करते हुए, रूस के प्रति अपनी सख्त नीति जारी रखने का निर्णय लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि यूरोप, रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के कारण, रूस के साथ किसी भी प्रकार के समझौते के लिए तैयार नहीं है। इस फैसले से अमेरिका और यूरोप के बीच राजनयिक मतभेद और बढ़ सकते हैं। यह स्पष्ट है कि रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव निकट भविष्य में कम होने वाला नहीं है। यह स्थिति वैश्विक राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है।