अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर दुर्लभ हवाई हमले किए, जिसमें 90 मिनट तक लगातार हमले शामिल थे, और ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी फिर से लगा दी गई। जवाब में, तेहरान ने खाड़ी देशों में “अमेरिकी सैन्य लक्ष्यों” पर हमले किए। ईरान ने क्षेत्रीय ऊर्जा निर्यात को रोकने की भी धमकी दी है। यह घटनाक्रम दोनों देशों के बीच तनाव को एक नए स्तर पर ले गई है। वाशिंगटन का कहना है कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए थे। तेहरान ने अमेरिकी हमलों को “आक्रामकता” बताया है और प्रतिशोध की कसम खाई है। इस संघर्ष का वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति और भी बिगड़ सकती है।