स्विट्जरलैंड में रविवार को हुई अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता संपन्न हो गई है। मध्यस्थ देशों की मौजूदगी में, दोनों पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुँचने का एक रोडमैप तैयार किया है। हालाँकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने इस शिखर वार्ता को हिला दिया है। ट्रंप ने समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है, जिसके कारण आगे की तकनीकी चर्चाएँ जारी रहेंगी। यह वार्ता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर केंद्रित थी, जिसका उद्देश्य एक स्थायी समाधान खोजना था। फिलहाल, दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, लेकिन बातचीत का मार्ग खुला है। उम्मीद है कि तकनीकी स्तर पर होने वाली चर्चाएँ समझौते को अंतिम रूप देने में सहायक होंगी।
