अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता हुआ है जिसमें एक नया निवेश कोष स्थापित किया जाएगा। इस कोष का उद्देश्य ईरान में निवेश को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, ईरान की जब्त संपत्तियों को वापस करने के लिए एक अलग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रॉयटर्स के अनुसार, यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फिलहाल, समझौते के विवरण अभी पूरी तरह से सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि इस समझौते से ईरान की अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिल सकती है। यह समझौता परमाणु कार्यक्रम पर चल रही वार्ता से अलग है।
