संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत ने यूरोपीय संघ को चेतावनी दी है कि यदि यूरोपीय संघ ने तकनीकी स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली नीतियों को आगे बढ़ाया तो उसे “विनाशकारी प्रतिशोधी कार्रवाई” का सामना करना पड़ेगा। राजदूत का बयान यूरोपीय संघ के डिजिटल बाजार अधिनियम और चिप्स अधिनियम जैसे उपायों को लेकर चिंता का संकेत देता है। उनका तर्क है कि ये उपाय अमेरिकी कंपनियों के लिए भेदभावपूर्ण हैं और मुक्त व्यापार को बाधित करते हैं। इस मुद्दे का केंद्रबिंदु तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की यूरोपीय संघ की महत्वाकांक्षा है, जिससे अमेरिका को अपने प्रौद्योगिकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को खतरे में पड़ने का डर है। यूरोपीय संघ का लक्ष्य अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और विदेशी कंपनियों पर निर्भरता को कम करना है। अमेरिका का रुख इस स्थिति को लेकर उसकी गहरी चिंता को दर्शाता है, और यह संकेत देता है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए कठोर कार्रवाई करने को तैयार है। इस धमकी ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है।