1992 में उरुग्वे फुटबॉल एसोसिएशन (AUF) के आदेश पर जेमी रोस और राउल कास्त्रो ने यह गीत लिखा था। यह गीत, "क्वांडो जुएगा उरुग्वे" (Cuando juega Uruguay), उरुग्वे की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ("ला सेलेस्टे") के लिए एक प्रतिष्ठित गान बन गया। दिलचस्प बात यह है कि इस गीत ने अप्रत्याशित रूप से दिग्गज खिलाड़ी ओब्दुलियो वारेला को सेंटेनारियो स्टेडियम से फिर से जोड़ा। वारेला, उरुग्वे के फुटबॉल इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, लेकिन कुछ समय से सार्वजनिक स्मृति से दूर हो गए थे। इस गीत ने न केवल राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा दिया बल्कि वारेला की विरासत को भी पुनर्जीवित किया। यह गीत उरुग्वे के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच एकता और देशभक्ति की भावना का प्रतीक बन गया है। "क्वांडो जुएगा उरुग्वे" आज भी उरुग्वे के मैचों के दौरान उत्साहपूर्वक गाया जाता है।
