युवा उरुग्वयन छात्रा वैलेंटिना गिडेबाराय, अंतरिक्ष अन्वेषण से जुड़े अवधारणाओं पर 120 घंटों की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद भारत में ‘शक्तिसैट’ मिशन में भाग लेने के लिए रवाना होंगी। उन्हें 108 देशों के छात्रों के साथ उपग्रह बनाने के लिए चुना गया है। यह मिशन अंतरिक्ष के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। वैलेंटिना इस अवसर से बहुत उत्साहित हैं और उनका मानना है कि यह उनके लिए एक अनमोल अनुभव होगा। वह इस परियोजना के माध्यम से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अपना योगदान देना चाहती हैं। यह उरुग्वे के लिए गर्व की बात है कि उनकी एक छात्रा को इस तरह के प्रतिष्ठित मिशन में भाग लेने का अवसर मिला है। ‘शक्तिसैट’ मिशन युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।