उरुग्वेन सीनेटर बोर्डाबेरी ने उपाध्यक्ष कॉसे पर संसदीय नियमों का पालन न करने का आरोप लगाया है। यह आरोप ओडोन के खिलाफ चल रहे एक इंटरपेलशन (प्रश्नकाल) के दौरान लगाया गया था। बोर्डाबेरी का कहना है कि उपाध्यक्ष ने उन्हें बोलने नहीं दिया। उन्होंने कॉसे पर "अधिनायकवाद" का प्रदर्शन करने का भी आरोप लगाया। बोर्डाबेरी ने यह भी कहा कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी और सब कुछ ठीक हो जाएगा। इस घटना ने उरुग्वेन की राजनीति में बहस छेड़ दी है, जिसमें संसदीय प्रक्रिया और बहस के अधिकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों ने उपाध्यक्ष के आचरण की आलोचना की है।