38 वर्षीय रेफरी गुस्तावो तेजेरा ने विश्व कप में पदार्पण किया। उनका यह पहला मैच एक ऐसे देश के खिलाफ था जहाँ उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए गए थे। रेफरी के साथ जो टीम थी, वह उरुग्वे की फुटबॉल लीग के मैचों में भी काम कर सकती है। मैच के दौरान, कोच जेवियर Aguirre ने रेफरी के फैसलों पर कड़ी आपत्ति जताई और लगातार विरोध प्रदर्शन किया। तेजेरा को मैच के दौरान कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, खासकर कोच के विरोध के कारण। यह मुकाबला रेफरी तेजेरा के लिए एक चुनौतीपूर्ण शुरुआत रहा। उनकी नियुक्ति पहले से ही विवादों में घिरी हुई थी, और मैच के दौरान कोच के विरोध ने स्थिति को और जटिल बना दिया।