विदेश मंत्री ने अपने पूर्व निवास देश में मिशनों के परिणामों का विवरण दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उरुग्वे के राजदूत संयुक्त राज्य अमेरिका में एक बैठक में क्यों गए, जहाँ ‘हिंसक आतंकवाद’ के बारे में बात की गई थी। यह बैठक एमएलएन (MLN) से संबंधित थी। इस मामले में मार्को रुबियो की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया है। साथ ही, 2030 विश्व कप और इटली की यात्राओं के पीछे के छिपे हुए पहलुओं पर भी चर्चा की गई। यह खुलासा राजनयिक संबंधों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच संबंधों को दर्शाता है। कुल मिलाकर, यह विवरण उरुग्वे और अमेरिका के बीच के संबंधों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली महत्वपूर्ण घटनाओं पर केंद्रित है।