सरकार अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार की कीमतों पर कड़ी निगरानी रख रही है। ऐसा स्थानीय अर्थव्यवस्था और उत्पादन पर तेल के प्रभाव को कम करने के लिए किया जा रहा है। नियामक URSEA की रिपोर्ट का विश्लेषण भी किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की वर्तमान कीमतें लंबे समय तक स्थिर नहीं रह पाएंगी। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए रणनीतियाँ तैयार कर रही है। यह कदम अर्थव्यवस्था को संभावित झटकों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार का लक्ष्य कीमतों में अचानक वृद्धि को रोकना और नागरिकों को राहत पहुंचाना है।