उरुग्वे के केंद्रीय बैंक ने एक नए कानून का मसौदा पेश किया है जिसका उद्देश्य 'खुली वित्तीय प्रणाली' स्थापित करना है। यह मसौदा 2026-2030 भुगतान प्रणाली रोडमैप का हिस्सा है। इस प्रणाली के तहत, उपयोगकर्ताओं को अपनी वित्तीय जानकारी तीसरे पक्ष के साथ साझा करने की अनुमति दी जाएगी। बैंक का कहना है कि यह नवाचार को बढ़ावा देगा और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाएगा। हालांकि, इस प्रस्ताव से डेटा गोपनीयता और सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी उत्पन्न हो रही हैं। मसौदे में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किस प्रकार का डेटा साझा किया जा सकेगा और इसका उपयोग कैसे किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने इस मसौदे पर सार्वजनिक राय मांगी है ताकि सभी हितधारकों की चिंताओं को दूर किया जा सके।