दक्षिण ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा किसानों को ऋण और अनुदान देने के लिए स्थापित 28 मिलियन डॉलर से अधिक का कोष पिछले दस वर्षों से अप्रयुक्त पड़ा है। यह कोष सूखे और प्रतिकूल बाजार परिस्थितियों के बीच संघर्ष कर रहे किसानों की सहायता के लिए बनाया गया था। सरकार ने इस कोष की निष्क्रियता के कारणों की जानकारी नहीं दी है। विपक्षी दलों ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। किसानों के संगठनों ने भी इस कोष के उपयोग में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग की है। इस कोष का उपयोग न होने से किसानों को वित्तीय सहायता मिलने से वंचित रहना पड़ा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी कमजोर हुई है। सरकार अब इस मुद्दे पर विचार कर रही है और कोष के उपयोग के लिए नई योजनाएं बनाने की बात कह रही है।