भ्रष्टाचार निवारण आयोग (केपीके) ने सोएद विश्वविद्यालय के रेक्टर प्रोफेसर अखमद सोदिक पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने अधीनस्थों को नए छात्रों को प्रवेश दिलाने के लिए विशेष पहुंच प्रदान की। यह आरोप 1.12 बिलियन रुपये की रिश्वत लेने के बाद लगाया गया है। जांच के अनुसार, रेक्टर ने कथित तौर पर रिश्वत के बदले में अपने अधीनस्थों को प्रवेश प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की अनुमति दी। केपीके इस मामले की गहन जांच कर रही है, और यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो रेक्टर और शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इंडोनेशियाई उच्च शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के जोखिमों पर प्रकाश डालता है। केपीके का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रवेश प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो। इस मुद्दे पर आगे की जांच जारी है।