ज़्लिन के टोमास बाटी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक नया सिस्टम विकसित किया है जो शुरुआती सूखे और समय के साथ वनस्पतियों में होने वाले बदलावों का पता लगाएगा। यह प्रणाली यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के उपग्रहों से प्राप्त सैटेलाइट तस्वीरों का उपयोग करती है। इस प्रणाली के माध्यम से शहर और कस्बे बेहतर तरीके से वृक्षारोपण की योजना बना सकेंगे और संकटग्रस्त क्षेत्रों की रक्षा कर सकेंगे। यह सॉफ्टवेयर शहरों में हरियाली की स्थिति का आकलन करने में मदद करेगा और बेहतर पर्यावरण प्रबंधन में योगदान देगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रणाली जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में भी सहायक होगी। यह शहरों को अधिक टिकाऊ और रहने योग्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।