क्रोएशिया के ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग के सदस्यों ने नोवी साद विश्वविद्यालय के फैसले पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया है। उन्होंने विशेष रूप से व्लादिमीर मिहीक का समर्थन व्यक्त किया है, जिनके संबंध में यह निर्णय लिया गया था। ज़ाग्रेब के मनोविज्ञान विभाग ने नोवी साद विश्वविद्यालय के सीनेट से इस मामले में अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है। यह कदम व्लादिमीर मिहीक के प्रति एकजुटता और समर्थन दर्शाता है। फिलहाल, नोवी साद विश्वविद्यालय के फैसले की विशिष्ट प्रकृति सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन ज़ाग्रेब विश्वविद्यालय के विभाग का मानना है कि इस पर पुनर्विचार आवश्यक है। इस मामले ने शिक्षा जगत में ध्यान आकर्षित किया है और आगे की कार्रवाई का इंतजार है।