हेल्सिंकी विश्वविद्यालय के कानून संकाय के लिए प्रस्तावित स्थान कटौती की योजना पर कानूनी विशेषज्ञों ने चिंता व्यक्त की है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, संकाय के लिए उपलब्ध स्थान को चार मंजिलों से घटाकर केवल एक मंजिल कर दिया जाएगा। एक कानून प्रोफेसर ने इसे ‘रुस्टा कांड’ के समान बताया है, जिसका तात्पर्य है कि यह निर्णय बिना उचित विचार-विमर्श के लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह कदम संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक है। हालांकि, संकाय के सदस्य और कानूनी विशेषज्ञ इस कटौती से शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंतित हैं। इस मुद्दे पर आगे चर्चा और निर्णय अपेक्षित है। यह कटौती छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है।