विश्वविद्यालय संचालन के लिए बनाई गई समितियों के सदस्यों की खोज शुरू हो गई है। ये नियुक्तियां केवल एक वर्ष के लिए हैं। अगले अगस्त में विश्वविद्यालयों को समर्थन देने वाले फाउंडेशन भी समाप्त हो जाएंगे। इसका मतलब है कि ये पद अस्थायी हैं और एक सीमित समय के लिए ही भरे जाएंगे। सरकार विश्वविद्यालयों के प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता लाने के लिए यह कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने से पहले, विश्वविद्यालयों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इन समितियों का गठन किया जा रहा है। इच्छुक उम्मीदवार जल्द ही आवेदन कर सकते हैं।