एंटी-करप्शन यूनिट (UCO) के अनुसार, गोनज़ालेज़ अमाडोर की कंपनी ने तीन वर्षों (2021-2023) में क्विरोन को 4.4 मिलियन यूरो (लगभग 40 करोड़ रुपये) के बिल भेजे थे। UCO का दावा है कि कंपनी के पास इन सेवाओं को प्रदान करने के लिए आवश्यक संसाधन या क्षमता नहीं थी। यह आरोप तब लगा है जब 'सर्कुलो डे बेलेज़ा' नामक कंपनी गोनज़ालेज़ अमाडोर के स्वामित्व में आई थी। जांच में यह पता चला है कि कंपनी ने बिना किसी वास्तविक सेवा के ही भुगतान प्राप्त किया। यह मामला संभावित धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा हुआ है। फिलहाल, इस मामले की आगे जांच जारी है और अधिकारियों ने इस पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। इस घटना से क्विरोन और गोनज़ालेज़ अमाडोर दोनों की प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।
