सुरक्षा और रक्षा नीति विश्लेषक वोल्फगैंग पुश्ताई के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी समझौते में ईरान के जमे हुए धन की भूमिका तेहरान के लिए फायदेमंद होगी। पुश्ताई का मानना है कि यदि ये संपत्ति जारी की जाती है, तो यह ईरान की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा दे सकती है। यह धन ईरान की आर्थिक पुनरुत्थान में एक महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है। वर्तमान में, ईरान पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगे हुए हैं, जिसके कारण उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। जमे हुए धन की रिहाई से ईरान को अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने में भी सहायक हो सकता है। पुश्ताई ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी समझौते में इस धन के उपयोग को लेकर स्पष्टता आवश्यक है।