यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कुछ स्थल अब पर्यटकों की अत्यधिक भीड़ से त्रस्त हैं, जिसके कारण स्थानीय निवासी इन स्थलों से अपना नाम हटाने की मांग कर रहे हैं। स्लोवाकिया का वल्कोलीनैक गाँव, जो यूनेस्को की सूची में शामिल है, इसका एक उदाहरण है, जहाँ स्थानीय लोगों ने पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण जीवन की गुणवत्ता में गिरावट की शिकायत की है। यूनेस्को का दर्जा बेशक वैश्विक पहचान दिलाता है, लेकिन अनियंत्रित पर्यटन स्थानीय समुदायों के लिए समस्याएं खड़ी कर सकता है। बीबीसी ने इस मुद्दे की जांच की है और पाया है कि कुछ स्थानों पर, यूनेस्को की मान्यता स्थानीय जीवन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है। स्थानीय लोगों का तर्क है कि अत्यधिक पर्यटन से उनकी संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली खतरे में पड़ गई है। इस स्थिति के कारण, वे यूनेस्को से अपनी धरोहर का दर्जा वापस लेने पर विचार कर रहे हैं। यह घटना यूनेस्को के लिए एक चुनौती है, जो धरोहर संरक्षण और सतत पर्यटन के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।