मर्केटर प्रक्षेपण एक मानचित्र प्रक्षेपण है जो यूरोप और उत्तरी अमेरिका को अफ्रीका की तुलना में बहुत बड़ा दिखाता है। इस प्रक्षेपण के कारण अफ़्रीका का आकार मानचित्रों पर छोटा और महत्वहीन दिखता है, जिससे भौगोलिक असमानता का भाव उत्पन्न होता है। अफ़्रीका के देशों ने लम्बे समय से इस प्रक्षेपण के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है, क्योंकि यह उनकी वास्तविक भौगोलिक स्थिति को गलत तरीके से दर्शाता है। हाल ही में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस प्रक्षेपण को बदलने के लिए मतदान किया है। इसका उद्देश्य अधिक सटीक और निष्पक्ष मानचित्र बनाना है जो सभी देशों का उचित प्रतिनिधित्व करे। ये बदलाव विश्व मानचित्रों में समानता और सटीकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में, नए मानचित्र प्रक्षेपणों का उपयोग किया जाएगा जो महाद्वीपों के वास्तविक आकार को बेहतर ढंग से दर्शाते हैं।