संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने सोमवार को सर्वसम्मति से तालिबान से महिलाओं और लड़कियों की मूलभूत स्वतंत्रता को सीमित करने वाली सभी प्रथाओं को रद्द करने का आग्रह किया। परिषद ने अफ़गानिस्तान में महिलाओं की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। तालिबान के नेतृत्व में, महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन से वंचित किया जा रहा है। परिषद ने इन प्रतिबंधों को मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताया है। अफ़गानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया गया है। यह कदम तालिबान के शासन के तहत महिलाओं की बिगड़ती स्थिति के जवाब में उठाया गया है। परिषद ने तालिबान को जवाबदेह ठहराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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