संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने जिनेवा में एक परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मानवता के लिए खतरा पैदा कर रही है। इस खतरे में स्वायत्त ड्रोन का उपयोग और संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन हिरासत में होने वाली मौतें शामिल हैं। उच्चायुक्त ने एआई के तेजी से विकास और इसके संभावित दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने विशेष रूप से स्वायत्त हथियारों के उपयोग के बारे में अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप के बिना निर्णय लेने की क्षमता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन हिरासत में मौतों पर भी ध्यान आकर्षित किया गया, जिसमें बेहतर जवाबदेही और सुरक्षा उपायों की मांग की गई। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि एआई और स्वायत्त ड्रोन के उपयोग पर अंतर्राष्ट्रीय नियम और निगरानी की आवश्यकता है ताकि मानव अधिकारों की रक्षा की जा सके। यह मुद्दा वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है और इस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।