संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हाल ही में 'पुनर्वास' (Remigration) की अवधारणा पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह योजना मनमानी और भेदभाव को बढ़ावा दे सकती है। तुर्क ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है, भले ही उसकी प्रभावशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हों। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपराधियों को कब निर्वासित किया जा सकता है और कब नहीं, कानूनी प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण है। तुर्क के अनुसार, किसी भी निर्वासित कार्रवाई को कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि मानवाधिकारों का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी नीति को इस सिद्धांत के अनुरूप होना चाहिए। यह बयान जर्मनी में हाल ही में प्रस्तावित 'पुनर्वास' योजनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
